उत्तरकाशी के विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा
की शुरुआत शुक्रवार अक्षय त्रितिये के दिन विधिवत रूप से हो गई। बाबा केदारनाथ के
जयघोष और सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्ति धुन के बीच सुबह 7 बजे पूरे विधि विधान से ग्यारहवें
ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम के कपाट खोले गये। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर
यमुनोत्री धाम के कपाट 10 बजकर 29 मिनट पर खोले गए। कपाट खुलने के
अवसर पर हजारों की संख्या में देश विदेश से आये श्रद्धालु यमुनोत्री धाम में मौजूद
रहे। इससे पहले मां यमुना की उत्सव डोली यमुनोत्री धाम पहुंची, जिस दौरान बड़ी संख्या में
श्रद्धालु यहां कपाट खुलने की प्रतीक्षा में थे।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के
अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं
को बधाई दी और देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। सीएम ने कहा कि इस बार
चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनाएगी। प्रदेश सरकार तीर्थयात्रियों की सभी सुविधाओं
के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान सात हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी
बने। मंदिर को 20 क्विंटल
से अधिक फूलों से सजाया गया था। कपाट खुलते समय तीर्थयात्रियों पर हैलीकाप्टर से
पुष्पवर्षा की गई। मुख्य सेवक भंडारा कार्यक्रम समिति ने श्रद्धालुओं के लिए
जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किया।
कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत गुरुवार शाम को भगवान केदारनाथ
की पंचमुखी उत्सव मूर्ति पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से
विभिन्न पड़ावों गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड से होते हुए केदारनाथ
धाम पहुंची थी। उसके पश्चात रावल धर्माचार्य तथा पुजारी गणों ने द्वार पूजा शुरू
की। ठीक सुबह सात बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये। कपाट खुलने के बाद भगवान
केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया गया। इस दौरान
श्रद्धालुओं ने दर्शन शुरू किये।